866+ भजन

शिव भजन लिरिक्स — Shiv Ji Bhajan Lyrics

यहाँ आपको भगवान शिव के प्रमुख भजन, आरती, चालीसा और स्तोत्र मिलेंगे — देवनागरी लिपि, रोमन उच्चारण और हर श्लोक के सरल हिंदी अर्थ के साथ। सभी पाठ पारंपरिक और प्रामाणिक स्रोतों से मिलाकर जांचे गए हैं। सोमवार, महाशिवरात्रि या नियमित पूजा-अभिषेक के समय पढ़ने के लिए उपयुक्त।

भजन 24

भजन
महाकाल को जपता चल
महाकाल को जपता चल,
भजन
जिस दिन भोले जी तेरा दर्शन होगा
जिस दिन भोले जी तेरा दर्शन होगा,
भजन
चली कांवड़ियों की टोली खाके भंगिया की गोली
चली कांवड़ियों की टोली,
भजन
डमरू बजाते चले आना मेरे भोले बाबा
डमरू बजाते चले आना,
भजन
मुझको नंदी बना ले अपना संगी बना ले
मुझको नंदी बना ले,
भजन
ये आधार तेरा है ये संसार तेरा है
ये आधार तेरा है,
भजन
इन अंखियों ने सब देख लिया
इन अंखियों ने सब देख लिया,
भजन
तेरे दर का दरबान बना ले ओ भोले
तेरे दर का दरबान बना ले,
भजन
तूने जीना सिखाया भोलेनाथ
दर दर मैं यूं भटकता था,
भजन
भोले की बारात में सज गए भूत लगा के टाई
भोले की बारात में सज गए,
भजन
महाकाल तेरा दीवाना
महाकाल तेरा दीवाना,
भजन
तेरे डमरू की धुन सुनकर तेरे दरबार आया हूँ
तेरे डमरू की धुन सुनकर,
भजन
दिल मेरा बम बम बोले डोले शंकर की ओर
सावन का महिना,
भजन
डमरू बजाने वाले मैं दास हूं तुम्हारा
डमरू बजाने वाले,
भजन
मेरी ये अंतिम इच्छा पूरी अब हो जाने दो
ना बंगला मांगू,
भजन
भगवान शिव के 108 नाम
भगवान शिव के 108 नाम,
भजन
पर्वत पर जिनका डेरा है वो डमरू वाला मेरा है
पर्वत पर जिनका डेरा है,
भजन
संग मेरे महाकाल है
न कोई डर न कोई फिकर,
भजन
बम बम बम बम गाता चल भोले को मनाता चल
बम बम बम बम गाता चल,
भजन
भोले से जो प्रीत बढ़ाये सदा ही सुख पाये
भोले से जो प्रीत बढ़ाये,
भजन
मेरे शंभु मेरे महाकाल
तेरे बिना अब जिया नहीं जाए,
भजन
सावन का महिना है कांवड़ियों का जोर
सावन का महिना,
भजन
तेरी जय हो मेरे भोलेनाथ रखना सर पर सदा मेरे हाथ
तेरी जय हो मेरे भोलेनाथ,
भजन
सावन के महीने में हो जाएं शिव की मेहरबानियां
सावन के महीने में,

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सोमवार को कौन सा शिव भजन पढ़ना चाहिए?

सोमवार को शिव चालीसा, ओम जय शिव ओंकारा आरती और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ विशेष रूप से शुभ माना जाता है। संक्षिप्त पाठ के लिए शिव पंचाक्षर स्तोत्र भी उपयुक्त है।

महाशिवरात्रि पर कौन से स्तोत्र का पाठ करें?

महाशिवरात्रि की रात्रि में शिव तांडव स्तोत्र, रुद्राष्टकम और शिव चालीसा का पाठ पारंपरिक रूप से किया जाता है। कई भक्त रात्रि के चार प्रहर में अलग-अलग स्तोत्रों का पाठ करते हैं।

क्या इन भजनों का अर्थ भी बताया गया है?

हाँ, हर भजन और स्तोत्र के साथ प्रत्येक श्लोक का सरल हिंदी अर्थ दिया गया है, ताकि आप जो पढ़ें उसे समझ भी सकें, केवल पाठ न करें।