भजन

तूने जीना सिखाया भोलेनाथ

दर दर मैं यूं भटकता था,

दर्शन को मैं तरसता था,

तूने अपना बनाया भोलेनाथ,

तूने जीना सिखाया भोलेनाथ,

तूने जीना सिखाया भोले नाथ।।

काल भी तुझसे डर कर भागे,

तू कालों का काल कहावे,

श्मशानों में डेरा तेरा,

तन पर अपने भस्मी रमाते,

भक्तों को अपने पास बुलाता,

दर्शन देके धन्य बनाता,

तूने इतना किया है भोलेनाथ,

तूने जीना सिखाया भोले नाथ।।

झूठी दुनिया झूठा झमेला,

कोई भी ना अपना कहावे,

तू ही साथी तू ही सहारा,

तू भक्तों की लाज बचावे,

दर दर मेरा सर ये झुके ना,

भोले तेरी शरण में लेना,

तूने इतना दिया है भोलेनाथ,

तूने जीना सिखाया भोले नाथ।।

दर दर मैं यूं भटकता था,

दर्शन को मैं तरसता था,

तूने अपना बनाया भोलेनाथ,

तूने जीना सिखाया भोलेनाथ,

तूने जीना सिखाया भोले नाथ।।

Singer – Tilak Sharma Ujjain

9754029170