भजन

इन अंखियों ने सब देख लिया

इन अंखियों ने सब देख लिया,

सबको देता मुझको

ना दिया,

भंडार तू सबके है भरता,

फिर मुझसे मुख क्यूं मोड़ लिया।।

मैने सुना है भोले के दर से,

जो चाहो वो मिल जाता है,

चाहे राजा रंक भिखारी हो,

श्रद्धा का फल ही पाता है,

सब को देता है तू मौका,

बस पाया मैंने ही धोखा,

सब पार लगाएं हैं तुमने,

फिर मुझसे मुख क्यूं मोड़ लिया।।

शंभू तू कितना भोला है,

मेरा प्रेम भी समझ नहीं पाया,

मेरी साँस में तू मेरे रक्त में तू,

दिन रात धूप तू है छाया,

जिस दिल में तू ही रहता है,

वो दिल क्यूं तूने तोड़ दिया,

गर दिल की बात समझता है,

फिर मुझसे मुख क्यूं मोड़ लिया।।

मेरे भोले शंकर मान भी जा,

क्यूं खफा खफा सा रहता है,

मेरे कर्मों का ही फल है जो,

अंखियों से क्षण क्षण बहता है,

अब करना पड़ेगा माफ मुझे,

‘भारत’ ना पीछा छोड़ेगा,

विश्वास है हाथ पकड़ लोगे,

रिश्ता जो तुमसे जोड़ लिया।।

इन अंखियों ने सब देख लिया,

सबको देता मुझको ना दिया,

भंडार तू सबके है भरता,

फिर मुझसे मुख क्यूं मोड़ लिया।।

Singer & Lyrics – Bharat Tiwari

9990917547