शिव भजन लिरिक्स — पेज 4 — Shiv Ji Bhajan Lyrics
यहाँ आपको भगवान शिव के प्रमुख भजन मिलेंगे — देवनागरी लिपि और रोमन उच्चारण के साथ। सभी पाठ पारंपरिक और प्रामाणिक स्रोतों से मिलाकर जांचे गए हैं। सोमवार, महाशिवरात्रि या नियमित पूजा-अभिषेक के समय पढ़ने के लिए उपयुक्त।
भजन 24
भजन
धन धन भोलेनाथ बांट दियो तीन लोक एक पल भर में
धन धन भोलेनाथ बांट दियो,
भजन
डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का
डमरू बाजे मेरे भोलेनाथ का,
भजन
शिव का जपले नाम क्या लागे तेरा है
शिव का जपले नाम,
भजन
आए है सावन में शंकर माँ गौरा जी के साथ
आए है सावन में शंकर,
भजन
तोरी सूरत प्यारी भोले भंडारी
तोरी सूरत प्यारी,
भजन
जो माँ पार्वती को पसंद होता है
जो माँ पार्वती को पसंद होता है,
भजन
महाकाल जपते जपते दौड़ा चला मैं आऊं
महाकाल जपते जपते,
भजन
दुनिया में महादेव देव है निराले
दुनिया में महादेव,
भजन
शंकर है मतवाले
नंदी पे असवार शंभू,
भजन
हमको तो बस भोलेनाथ चाहिए
जन्मों जन्म का साथ चाहिए,
भजन
भोलेनाथ ने पकड़ा हाथ नहीं तो मैं बह जाता
भोलेनाथ ने पकड़ा हाथ,
भजन
मेरे रखवाले महाकाल है
मेरे रखवाले महाकाल है,
भजन
भभूती रमाये बाबा भोलेनाथ आए
भभूती रमाये बाबा भोलेनाथ आए,
भजन
सारी समस्या का हल है एक लोटा जल
सारी समस्या का हल है,
भजन
सच्चे मन से भोले को जिसने है ध्याया
सच्चे मन से भोले को,
भजन
जोगी पर्वत पे बैठा बैठा ध्यान धरे
जोगी पर्वत पे बैठा बैठा,
भजन
सब काम हो रहा है महाकाल की कृपा से
मेरा सर्वेश्वर मेरा महाकाल,
भजन
ये भोले बाबा मेरे है मेरे है भंडारी
ये भोले बाबा मेरे है,
भजन
भोले को सुनाने दिल का हाल चले रे
भोले को सुनाने,
भजन
मेरे अंगना में आए भोलेनाथ सखी री मैं क्या मांगू
मेरे अंगना में आए भोलेनाथ,
भजन
वो चक्की वाले बाबा का दरबार है
फूलों से नित होता जिनका श्रृंगार है,
भजन
जय जय हरि हरि गौरी शंकर ईश्वर दीनदयाला है
जय जय हरि हरि गौरी शंकर,
भजन
कलशो में गंगा जी का जल भर ले
कलशो में गंगा जी का,
भजन
जय शंकर कैलाशपति शिव भजन
जय शंकर कैलाशपति शिव,