भजन

भोले को सुनाने दिल का हाल चले रे

भोले को सुनाने,

दिल का हाल चले रे,

शिव पर जल चढ़ाने,

महाकाल चले रे,

शिव बुला रहे है,

हम जा रहे,

शिव के नगर,

उज्जैन हम उज्जैन,

भोले को सुनाने,

दिल का हाल चले रे,

शिव पर जल चढ़ाने,

महाकाल चलें रे।।

तर्ज – पालकी में होके।

नगरी है दूर फिर भी,

जा रहे है,

भोले से कह दो हम,

आ रहे है,

बंगला गाड़ी छोड़ चले,

शिव से नाता जोड़ चले,

उज्जैन नगरी करने,

धमाल चल रे,

शिव पर जल चढ़ाने,

महाकाल चलें रे।।

भक्ति जो की थी,

ये दिन है आया,

सावन का महीना,

उज्जैन ले आया,

महाकाल की लागी लगन,

महाकाल में हुए मगन,

होकर हम दीवाने,

इस बार चले रे,

शिव पर जल चढ़ाने,

महाकाल चलें रे।।

इस पर ही जीना,

मरना हमारा,

जान से भी प्यारा,

भगवा हमारा,

धर्म दिखे है भगवा में,

देश भक्ति है भगवा में,

भगवा चोला तन पर,

हम डाल चल रे,

कावड़ लेकर ‘मंत्री’,

महाकाल चलें रे।।

भोले को सुनाने,

दिल का हाल चले रे,

शिव पर जल चढ़ाने,

महाकाल चले रे,

शिव बुला रहे है,

हम जा रहे,

शिव के नगर,

उज्जैन हम उज्जैन,

भोले को सुनाने,

दिल का हाल चले रे,

शिव पर जल चढ़ाने,

महाकाल चलें रे।।