भजन

कलशो में गंगा जी का जल भर ले

कलशो में गंगा जी का,

जल भर ले,

चल चल रे कावड़िया,

कांधे कांवर धर ले।bd।

तर्ज – मुक्ति का कोई तू जतन।

बोल बम बोल बम,

शिव का जयकारा रे,

देवों ने भी गाया,

यही नाम प्यारा रे,

तू भी इसी नाम का,

मनन कर ले,

चल चल रे कावड़िया,

कांधे कांवर धर ले।bd।

मिलेगा किनारा जब भी,

शिव को पुकारेगा,

नैया भवर से तेरी,

वो ही उबारेगा,

उसी के सहारे,

भव पार कर ले,

चल चल रे कावड़िया,

कांधे कांवर धर ले।bd।

शिव का पुजारी बन जा,

बने बिगड़े काम रे,

उनका है द्वारा सबसे,

बड़ा सुख धाम रे,

तेरे दुखो को,

महादेव हर ले,

चल चल रे कावड़िया,

कांधे कांवर धर ले।bd।

कलशो में गंगा जी का,

जल भर ले,

चल चल रे कावड़िया,

कांधे कांवर धर ले।bd।

गायक – प्रमोद कुमार।