भजन

डमरू बजाने वाले मैं दास हूं तुम्हारा

डमरू बजाने वाले,

विष को पचाने वाले,

मैं दास हूं तुम्हारा,

मैं दास हूं तुम्हारा।।

तर्ज – दिल में तुझे बिठा के।

जब से तेरा नाम लिया है,

मन को चैन है आया,

सुनी मेरी राहों में भी,

तेरा उजाला छाया,

कण-कण में रहने वाला,

महाकाल मेरे प्यारे,

मैं दास हूं तुम्हारा,

मैं दास हूं तुम्हारा।bd।

भस्म रमाए भोले बाबा,

डमरू मधुर बजाए,

तेरी जटा से बहती गंगा,

सब संताप मिटाए,

तेरी छवि निहारूं,

हर पल तुझे पुकारूं,

मैं दास हूं तुम्हारा,

मैं दास हूं तुम्हारा।bd।

भोले तो है भाव के भूखे,

केवल जल से रीझे,

मन में लेकर प्रेम जो आए,

उसकी झोली भर दे,

भक्ति में तेरी खोके,

रहना है तेरा होके,

मैं दास हूं तुम्हारा,

मैं दास हूं तुम्हारा।bd।

मार्कंडेय की खातिर भोले,

काल से भी लड़ आए,

भक्त की लाज रखी प्रभु तुमने,

मौत को दूर भगाए,

मैं भी पड़ा हूं द्वारे,

‘शेखर’ को तू संवारे,

मैं दास हूं तुम्हारा,

मैं दास हूं तुम्हारा।bd।

डमरू बजाने वाले,

विष को पचाने वाले,

मैं दास हूं तुम्हारा,

मैं दास हूं तुम्हारा।।