भजन

उज्जैन नगरी देखो रे भैया देवो से भरपूर है

उज्जैन नगरी देखो रे भैया,

देवो से भरपूर है,

महाकाल के राजा,

शम्भू दुनिया में मशहूर है।।

आगे आगे रामघाट और,

पास में भूखी माता है,

गढ़ कालीका नगर कोट की,

आरती हर कोई गाता है,

गोपाल मंदिर बीच में पूजा,

होती रोज जरूर है,

महाकाल के राजा,

शम्भू दुनिया में मशहूर है।।

आस पास में शिप्रा बहती,

बीच चामुण्डा महारानी,

हरसिद्धि संतोषी माता,

राजा विक्रम थे दानी,

नागादल का दत्त अखाड़ा,

त्रिवेणी से दूर है,

महाकाल के राजा,

शम्भू दुनिया में मशहूर है।।

देख के दुनिया वाले बोले,

कैसी तेरी माया है,

जो भी तीरथ करके आया,

अंत मे शिप्रा नहाया है,

ऐसे बाबा जी का सुमिरन,

करना रोज जरूर है,

महाकाल के राजा,

शम्भू दुनिया में मशहूर है।।

आस लगाकर भोले शम्भू,

तेरे दर पे आये है,

जो भी देना है वो दे दो,

खाली झोली लाये है,

पास तुम्हारे माल खजाना,

और दौलत भरपूर है,

Bhajan Diary Lyrics,

महाकाल के राजा,

शम्भू दुनिया में मशहूर है।।

उज्जैन नगरी देखो रे भैया,

देवो से भरपूर है,

महाकाल के राजा,

शम्भू दुनिया में मशहूर है।।

गायक – ओम जी पाटीदार।

प्रेषक – प्रीतम यादव।

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