भजन

उज्जैन वाले बाबा बिगड़ी मेरी बना दे

उज्जैन वाले बाबा,

बिगड़ी

मेरी बना दे।

दोहा – दुनिया को जो मिला है,

तेरे दर से मिला है,

मुझको तो मुकद्दर भी,

तेरे दर से मिला है।

उज्जैन वाले बाबा,

बिगड़ी मेरी बना दे,

उज्जैन वालें बाबा,

बिगड़ी मेरी बना दे,

महाकाल मेरे बाबा,

बिगड़ी मेरी बना दे,

उज्जैन वालें बाबा,

बिगड़ी मेरी बना दे।।

तुमने ही मेरे बाबा,

लाखों की झोली भर दी,

सारी मुरादे भोले,

तुमने ही पूरी कर दी।

“जिसने जहां जो मांगा,

तुमने दिए खुशी से,

तुमने दिए खजाने भोले,

कहते नहीं किसी से।”

तुमने ही मेरे बाबा,

लाखों की झोली भर दी,

सारी मुरादे भोले,

तुमने ही पूरी कर दी।

गिरतों को मेरे बाबा,

आकर उन्हें उठा दे,

उज्जैन वालें बाबा,

बिगड़ी मेरी बना दे।।

जिस पर मेहर तुम्हारी,

उसको कमी ही क्या है,

भरपूर देने वाले,

भरपूर ही दिया है।

“कोई कमी ना छोड़ी,

करतब दिखा दिया है,

औकात से भी ज्यादा मेरे भोले,

भर भर के दे दिया है।”

जिस पर मेहर तुम्हारी,

उसको कमी ही क्या है,

भरपूर देने वाले,

भरपूर ही दिया है,

बिछड़े है जो हमारे,

उनसे हमें मिला दे,

उज्जैन वालें बाबा,

बिगड़ी मेरी बना दे।।

बिखरा हुआ पड़ा है,

मेरे घर का कोना कोना,

किस्मत पर मेरे भगवन,

आता है मुझको रोना।

“फुर्सत जरा निकालो बाबा,

आकर मुझे संभालो,

घिरती मुश्किलों से मेरे भोले,

आकर हमें निकालो।”

बिखरा हुआ पड़ा है,

मेरे घर का कोना कोना,

किस्मत पर मेरे भगवन,

आता है मुझको रोना,

उजड़ी सी जिंदगी है,

फिर से चमन खिला दे,

उज्जैन वालें बाबा,

बिगड़ी मेरी बना दे।।

सबकी बना दी किस्मत,

मेरी बारी क्यों मुकरते,

मैं बेटी हूँ तुम्हारी,

क्यों तुम कृपा ना करते।

‘योगी’ ने बहुत झेले,

दुनिया के हैं थपेड़े,

‘शहनाज’ द्वारे आई,

कर कमलो को है जोड़े।

सबकी बना दी किस्मत,

मेरी बारी क्यों मुकरते,

मैं बेटी हूँ तुम्हारी,

क्यों तुम कृपा ना करते।

जीवन की ज्योति शंकर,

फिर से मेरी जगा दे,

उज्जैन वालें बाबा,

बिगड़ी मेरी बना दे।।

उज्जैन वालें बाबा,

बिगड़ी मेरी बना दे,

उज्जैन वालें बाबा,

बिगड़ी मेरी बना दे,

महाकाल मेरे बाबा,

बिगड़ी मेरी बना दे,

उज्जैन वालें बाबा,

बिगड़ी मेरी बना दे।।

Singer – Shahnaz Akhtar