भजन

मैं तो हो गया भोले का दिवाना शरण में आया हूँ भजन

मैं तो हो गया भोले का दिवाना,

शरण में आया हूँ,

भोलेनाथ का सहारा,

मोहे लागे अती प्यारा,

भोलेनाथ का सहारा,

मोहे लागे अती प्यारा,

मै तो विनती सुनाने आया हूँ,

शरण में आया हूँ।।

सिर पर गंगा शक्ति के संगा,

मृगछाले अंगा गले भुजंगा,

जटा मे चंदा आसन नंदा,

भूत प्रेत गण सदा रहे चंगा,

मै तो हों गया रे भोले का दिवाना,

शरण में आया हूँ।।

भांग धतूरा पीये नित बंगा,

गांजा तम्बाकू चिलम नित संगा,

नाचे तांडव तमहो प्रसंगा,

हर हर बम बम गावे बंदा,

हर हर बम बम गावे बंदा,

मै तो हों गया रे भोले का दिवाना,

शरण में आया हूँ।।

जो तन मन से ध्यान लगाया,

जो मांगा भोले से पाया,

शिव शक्ति की अद्भुत माया,

जो दर आया पार लगाया,

जो दर आया पार लगाया,

मै तो हों गया रे भोले का दिवाना,

शरण में आया हूँ।।

भोलेनाथ अलख अविनाशी,

नानु पंडित भजे कैलाशी,

जो मन बसे सदा नित काशी,

कट जायेगी यम की नाशी,

मै तो हों गया रे भोले का दिवाना,

शरण में आया हूँ।।

मैं तो हो गया भोले का दिवाना,

शरण में आया हूँ,

भोलेनाथ का सहारा,

मोहे लागे अती प्यारा,

भोलेनाथ का सहारा,

मोहे लागे अती प्यारा,

मै तो विनती सुनाने आया हूँ,

शरण में आया हूँ।।

प्रेषक – मनीष सीरवी

9640557818