भजन

मैं थारा दर आवा जी मैं भोले नू मनावा जी

मैं थारा दर आवा जी,

मैं भोले नू मनावा जी,

तू कर बेड़ा पार मेरा,

रहेगा उपकार तेरा,

तू ही तो संसार मेरा,

मै थारां दर आवा जी,

मैं भोले नू मनावा जी।।

तर्ज – मैं तेनु समझावा की।

जब भी तेरे दर पे आया,

तूने गले से लगाया,

मेरे दुख डर ओर भरम को,

पल में दूर भगाया,

सूनले मेरी,,

इतनी दुआ करदे इशारा,

तू कर बेड़ा पार मेरा,

रहेगा उपकर तेरा,

तू ही तो संसार मेरा,

मै थारां दर आवा जी,

मैं भोले नू मनावा जी।।

उज्जैन नगरी

शिप्रा तीरथ,

जग में सबसे प्यारा,

अब क्या डरना इस दुनिया स,

जब है साथ तुम्हारा,

सूनले मेरी,,

इतनी दुआ करदे इशारा,

तू कर बेड़ा पार मेरा,

रहेगा उपकर तेरा,

तू ही तो संसार मेरा,

मै थारां दर आवा जी,

मैं भोले नू मनावा जी।।

मैं थारा दर आवा जी,

मैं भोले नू मनावा जी,

तू कर बेड़ा पार मेरा,

रहेगा उपकार तेरा,

तू ही तो संसार मेरा,

मै थारां दर आवा जी,

मैं भोले नू मनावा जी।।

गायक – हरिश राठौड़।

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