भजन

शीश गंग धार है वो नंदी पे सवार है भजन

शीश गंग धार है,

वो नंदी पे सवार है,

है देव भोला भाला,

है देव ये निराला,

ये दे देते वरदान है,

देव ये महान है,

ये दे देते वरदान है,

देव ये महान है।।

तर्ज – मुकुट सिरमौर का।

भस्मासुर को शिव ने,

वरदान दे डाला,

काम ये कैसा भोले,

तुमने ये कर डाला,

के मोहिनी रूप में,

विष्णु जी आए थे,

शिव शंकर के फिर तो,

प्राण बचाए थे,

है देव भोला भाला,

है देव ये निराला,

ये दे देते वरदान है,

देव ये महान है।।

माथे पे चंदा विराजे,

गले सर्प हार है,

तन पे भभूती सोहे,

पहनी म्रगछाल है,

अजब श्रृंगार है,

ये पालनहार है,

है देव भोला भाला,

है देव ये निराला,

ये दे देते वरदान है,

देव ये महान है।।

शिव शिव शम्भु बोलो,

पाप कट जाएँगे,

शिव भोला जपने वाले,

भव तर जाएँगे,

अगड बम बम भोला,

बबम बम शिव भोला,

है देव भोला भाला,

है देव ये निराला,

ये दे देते वरदान है,

देव ये महान है।।

शीश गंग धार है,

वो नंदी पे सवार है,

है देव भोला भाला,

है देव ये निराला,

ये दे देते वरदान है,

देव ये महान है,

ये दे देते वरदान है,

देव ये महान है।।

स्वर – राकेश काला।