भजन

शम्भू पैयाँ पड़ूँ तोहे विनती करूँ

शम्भू पैयाँ पड़ूँ,

तोहे विनती करूँ।

दोहा – एक बिलपत्रम एक पुष्पम,

एक लोटा जल की धार,

दयालु प्रभु रीझ के देत है,

चंद्र मोली फल चार।

बाघम्बरम भस्मांबरम,

जटाजुट लिबास,

आसन जमा के बैठे है,

कृपा सिंधु कैलाश।

शम्भू पैयाँ पड़ूँ,

तोहे विनती करूँ,

किरपा कीजो,

दया करके,

शिव दर्शन दीजो।।

तर्ज – शम्भू शरणे पड़ी।

भाल पे चंद्र चिता भस्म सोहे,

भाविक भक्तों को शिव रूप मोहे,

शंभु करुणा करो,

विषधर कंठ धरो,

अमृत दीजो,

दया करके,

शिव दर्शन दीजो।।

वेद नेति नेति कहके हारे,

हर हर महादेव कहके पुकारे,

सारे जग में है तू,

मैं भी तेरे में हूँ,

शक्ति दीजो,

दया करके,

शिव दर्शन दीजो।।

हूं तो एकल पंथी प्रवासी,

छता आतम केम उदासी,

तारी पूजा करू,

मनमा धीर धरु,

आशीष दीजो,

दया करके,

शिव दर्शन दीजो।।

शम्भू पैयाँ पड़ूं,

तोहे विनती करूँ,

किरपा कीजो,

दया करके,

शिव दर्शन दीजो।।

Singer – Keerthi Sagathia

Lyrics – Padma Shri Tushar Shukla Ji