शंभू ये तेरी माया कहीं है धूप कहीं है छाया
शंभू ये तेरी माया,
कहीं है धूप कहीं है छाया,
खुद तूने विष पिया,
औरो को अमृत पिलाया,
तेरे जैसा योगी,
ना मिला है ना पाया,
सांसें तब तक चलेगी,
जब तक रहेगा तेरा साया,
शम्भु ये तेरी माया,
कहीं है धूप कहीं है छाया।।