भजन

सारा जमाना मेरे भोले का दीवाना भजन

सारा जमाना मेरे भोले का दीवाना,

जीना हो सर उठा के,

शरण में इनकी आना,

सारा ज़माना।।

तर्ज – सारा जमाना।

विश्वास दिल से करले,

हर काम तेरा होगा,

खुद को तू कर समर्पित,

फिर नाम तेरा होगा,

छोड़ेगा कभी ना तेरा साथ,

सारा जमाना मेरे भोलें का दीवाना,

जीना हो सर उठा के,

शरण में इनकी आना,

सारा ज़माना।।

जिसे दुनिया ख्वाब समझे,

वो हकीकत है यहाँ पे,

अरे पत्थर की भी प्यारे,

बड़ी कीमत हैं यहाँ पे,

यहाँ की निराली हर बात,

सारा जमाना मेरे भोलें का दीवाना,

जीना हो सर उठा के,

शरण में इनकी आना,

सारा ज़माना।।

जो दीवाने भोले के हैं,

उनका ना हाल पूछो,

क्या क्या मिला हैं उनको,

ना ये सवाल पूछो,

‘सोनू’ मुश्किल है देना जवाब,

सारा जमाना मेरे भोलें का दीवाना,

जीना हो सर उठा के,

शरण में इनकी आना,

सारा ज़माना।।

सारा जमाना मेरे भोले का दीवाना,

जीना हो सर उठा के,

शरण में इनकी आना,

सारा ज़माना।।

स्वर – शीतल पांडेय जी।