भजन

सारे जहां में हुकम चले भोले त्रिपुरारी का

सारे जहां में हुकम चले,

भोले त्रिपुरारी का,

संसार दीवाना है,

भोले भंडारी का।bd।

तर्ज – वृन्दावन में हुकुम चले।

नगर उज्जैन के घर घर,

डगर बस्ती के अंदर,

जपे महाकाल की माला,

शहर का कंकर पत्थर,

नगर नगर डंका बजता है,

शिव त्रिपुरारी का,

संसार दीवाना है,

भोले भंडारी का।bd।

यहां हर सिद्धि माँ है,

यहां गढ़ कालिका है,

यहां भैरव विराजे,

गजानंद मूषक साजे,

लाखों हाथों से बटता है,

भंडार भंडारी का,

संसार दीवाना है,

भोले भंडारी का।bd।

यहां जो रोकर आता,

यहां से हंस कर जाता,

यहां जो खोकर आता,

यहां से पाकर जाता,

नाम लिया जिसने भोले,

शंकर त्रिपुरारी का,

संसार दीवाना है,

भोले भंडारी का।bd।

सारे जहां में हुकम चले,

भोले त्रिपुरारी का,

संसार दीवाना है,

भोले भंडारी का।bd।

Singer – Bittu Maharaj