भजन

संकट का नजारा है अब तू ही सहारा है भजन

संकट का नजारा है,

अब तू ही सहारा है,

डमरू वाले भोले भाले,

मैंने दामन पसारा है।।

तर्ज – एक प्यार का नगमा है।

त्रिभुवन में बड़ा सबसे,

महादेव कहाता है,

भव डूबती नैया को,

तू ही पार लगाता है,

मालिक है ज़माने का,

कश्ती का किनारा है,

डमरू वाले

भोले भाले,

मैंने दामन पसारा है।।

चौखट से तेरी कोई,

खाली नही जाता है,

भरता है सदा झोली,

दाताओ का दाता है,

औरो के लिए अम्रत,

खुद जहर पचाया है,

डमरू वाले भोले भाले,

मेने दामन पसारा है।।

कलिकाल में मुश्किल है,

तेरा ध्यान धरुँ कैसे,

दुश्वार हुआ जीना,

व्रत नेम करूँ कैसे,

भक्ति ना कोई तप है,

एक नाम तुम्हारा है,

डमरू वाले भोले भाले,

मेने दामन पसारा है।।

तेरे दर का भिखारी हूँ,

तेरे द्वार पे आया हूँ,

झोली को मेरी भर दो,

अरमान ये लाया हूँ,

चेतन हो तुम्ही जग में,

जग तुमसे ही सारा है,

डमरू वाले भोले भाले,

मेने दामन पसारा है।।

संकट का नजारा है,

अब तू ही सहारा है,

डमरू वाले भोले भाले,

मैंने दामन पसारा है।।

Singer – Manish Tiwari Ji