भजन

मेरे भोले की बारात में ढोल नगाड़े बाजे शिव भजन

मेरे भोले की बारात में,

ढोल नगाड़े बाजे,

भांग धतूरा पीकर भोले,

चले है ब्याह रचाने,

मेरे भोले की बारात में,

ढोल नगाड़े बाजे।।

सर्पो की माला है गले में,

अंग भभूत लगी है,

भाल चन्द्रमा हाथ में डमरू,

अजब सी इनकी छवि है,

शिव भोले के आगे आगे,

शिव भोले के आगे आगे,

भुत प्रेत भी नाचे,

मेरे भोले की बारात मे,

ढोल नगाड़े बाजे।।

पारवती की जिद से देखो,

कैसा शुभ दिन आया,

भूतनाथ भगवान ने,

गौरा जी से ब्याह रचाया,

धुनि खूब रमाने वाले,

धुनि खूब रमाने वाले,

चले है गौरा लाने,

मेरे भोले की बारात मे,

ढोल नगाड़े बाजे।।

कोई ढोल बजाता जाए,

कोई नाच नचावे,

शिव पर फूल चढ़ावे कोई,

रंग गुलाल उड़ावे,

हाहाकार मचाते जाए,

हाहाकार मचाते जाए,

कोई एक ना माने,

मेरे भोले की बारात मे,

ढोल नगाड़े बाजे।।

धूमधाम से शिव बारात,

जब पारवती घर आई,

देवगणो और भक्तजनो में,

कैसी खुशियां छाई,

वरमाला ले आई गौरा,

वरमाला ले आई गौरा,

शिव जी को पहनाने,

मेरे भोले की बारात मे,

ढोल नगाड़े बाजे।।

मेरे भोले की बारात में,

ढोल नगाड़े बाजे,

भांग धतूरा पीकर भोले,

चले है ब्याह रचाने,

मेरे भोले की बारात में,

ढोल नगाड़े बाजे।।