भजन

दानी बड़ा ये भोलेनाथ पूरी करे मन की मुराद भजन

दानी बड़ा ये भोलेनाथ,

पूरी करे मन की मुराद,

देख ले मांग के मांग के,

तेरा बिगड़ा मुक्कदर सवर जायेगा,

तेरा दामन भी खुशियों से भर जायेगा।।

तर्ज – जिसका मुझे था इंतजार।

दिन दयालु कहे इसको जमाना,

काम है इसका किस्मत जगाना,

भोले के दर पे

जिसने अर्जी लगाई है,

हाथो ही हाथ हुई उसकी सुनाई है,

देख ले मांग के मांग के,

तेरा बिगड़ा मुक्कदर सवर जायेगा,

तेरा दामन भी खुशियों से भर जायेगा।

दानी बड़ा ये भोलेंनाथ,

पूरी करे मन की मुराद,

देख ले मांग के मांग के,

तेरा बिगड़ा मुक्कदर सवर जायेगा,

तेरा दामन भी खुशियों से भर जायेगा।।

देवो का देव तीनो लोको का स्वामी,

देखि दातारि हुई दुनिया दीवानी,

राजा बनाये पल भर में भिखारी को,

करते निहाल भोले अपने पुजारी को,

देख ले मांग के मांग के,

तेरा बिगड़ा मुक्कदर सवर जायेगा,

तेरा दामन भी खुशियों से भर जायेगा।

दानी बड़ा ये भोलेनाथ,

पूरी करे मन की मुराद,

देख ले मांग के मांग के,

तेरा बिगड़ा मुक्कदर सवर जायेगा,

तेरा दामन भी खुशियों से भर जायेगा।।

भोला भाला है दिल इसका बड़ा है,

देखे कभी ना कौन लेने खड़ा है,

रावण को सोने की लंका दे डाली,

‘सोनू’ लौटाया नहीं किसी को भी खाली,

देख ले मांग के मांग के,

तेरा बिगड़ा मुक्कदर सवर जायेगा,

तेरा दामन भी खुशियों से भर जायेगा।

दानी बड़ा ये भोलेनाथ,

पूरी करे मन की मुराद,

देख ले मांग के मांग के,

तेरा बिगड़ा मुक्कदर सवर जायेगा,

तेरा दामन भी खुशियों से भर जायेगा।।