भजन

उज्जैन के महाराज हो दीनो के दीनानाथ हो

उज्जैन के महाराज हो,

दीनो के दीनानाथ हो,

तुम कालों के काल हो,

बाबा महाकाल हो।।

दरबार में भोले के देखो,

झूम झुम जयकार लगे,

झूम झुम जयकार लगे,

भंग के रसिया भक्तो के संग,

झूम झूम इतराने लगे,

झूम झूम इतराने लगे,

हर हर का जब साथ हो,

बम बम का जयकार हो,

तुम कालों के काल हो,

बाबा महाकाल हो।।

मंदिर में महाकाल सजे,

और ढोल नगाड़ा डमरू बजे,

ढोल नगाड़ा डमरू बजे,

झांझ मजीरे शंख मृदंग,

ताशे संग घड़ियाल बजे,

ताशे संग घड़ियाल बजे,

तन पे भस्म भभूत हो,

संग में भंग का रंग हो,

तुम कालों के काल हो,

बाबा महाकाल हो।।

मेरे मन में है महाकाल,

मोह न माया और कोई जाल,

मोह न माया और कोई जाल,

जो कोई पूछे मेरा हाल,

मेरे मुख पर जय महाकाल,

मेरे मुख पर जय महाकाल,

बाबा मुझको तार दो,

सुन लो मेरी पुकार को,

तुम कालों के काल हो,

बाबा महाकाल हो।।

उज्जैन के

महाराज हो,

दीनो के दीनानाथ हो,

तुम कालों के काल हो,

बाबा महाकाल हो।।

Singer – Kuldeep Ji Soni

+91 97547 73055

Lyrics – Vivek Koushal