भजन

थोड़ा देता है या ज्यादा देता है भजन

थोड़ा देता है या ज्यादा देता है,

हमको तो जो कुछ भी देता,

भोला

देता है,

थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं।।

हमारे पास जो कुछ भी है,

ईसी की है मेहरबानी,

हमेशा भेजता रहता,

कभी दाना कभी पानी,

थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं,

हमको तो जो कुछ भी देता,

भोला देता है,

थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं।।

हमेशा भूखे उठते है,

कभी भूखे नहीं सोते,

भला तकलीफ हो कैसी,

हमारे भोले के होते,

थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं,

हमको तो जो कुछ भी देता,

भोला देता है,

थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं।।

दीया जो भोले बाबा ने,

कभी कर्जा नहीं समझा,

दयालु भोले ने हमको,

हमेशा अपना ही समझा,

थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं,

हमको तो जो कुछ भी देता,

भोला देता है,

थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं।।

हमने ‘बनवारी’ हरदम ही,

बड़े अधिकार से मांगा,

खुशी से इसने दे डाला,

जो भी दातार से मांगा,

थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं,

हमको तो जो कुछ भी देता,

भोला देता है,

थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं।।

थोड़ा देता है या ज्यादा देता है,

हमको तो जो कुछ भी देता,

भोला देता है,

थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं।।

Singer – Upasana Mehta