भजन

शिव सुमिरन से सुबह शुरू हो भजन

शिव सुमिरन से सुबह शुरू हो,

शिव मंदिर में शाम हो,

शिव करुणा की छैया में,

शाम ढले विश्राम हो।।

साँसों की में ताल पे मेरी,

भक्ति शिव शिव गाये,

शिव दीवानी रसना को कोई,

दूजा गीत ना भाए,

जबतक जीवन ज्योत जले,

मेरे होठो पे शिव नाम हो,

शिव सुमिरण से सुबह शुरू हो,

शिव मंदिर में शाम हो।।

नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,

बोल के पलके खोलूं,

शिव सागर में स्नान करूँ में,

हृदय का दर्पण धोलू,

मोह माया से दूर रहू में,

श्रद्धा मेरी निष्काम हो,

शिव सुमिरण से सुबह शुरू हो,

शिव मंदिर में शाम हो।।

काल का भय ना हो मन में मेरा,

अंत समय जब आये,

शिव मूरत हो नैनो में शिव,

धाम ये आता जाये,

जहाँ मेरे शिव का डेरा है,

वही पे मेरा धाम हो,

शिव सुमिरण से सुबह शुरू हो,

शिव मंदिर में शाम हो।।

शिव सुमिरन से सुबह शुरू हो,

शिव मंदिर में शाम हो,

शिव करुणा की छैया में,

शाम ढले विश्राम हो।।