भजन

शिव शंकर मुझे दर पे बुला ले भजन

शिव शंकर मुझे दर पे बुला ले,

करना ये जीवन तेरे हवाले,

मुझे दर पे तू बुला ले,

चरणों में तू बिठा ले,

शिव शंकर मुझे दर पे बुला ले।।

तर्ज – चाहूंगा मैं तुझे सांझ सवेरे।

मुझसे हुई जो है खता,

हे शिव तुझको सब है पता,

दुनिया की तू जाने है,

तुझसे तो भोले कुछ ना छुपा,

बाबा,,बहे आंसुओ की धार,

चरण एक बार तो धुला ले,

मुझे दर पे तू बुला ले,

शिव शंकर मुझे दर पे बुला ले।।

नैना मेरे सोते नहीं,

दरश तेरे जो होते नहीं,

शिव का ही मैं नाम भजु,

मुझको मिलेंगे बाबा कहीं,

दर्शन की तेरे आस मुझे,

बाबा,,आवाज तो लगा ले,

चरणों में तू बिठा ले,

शिव शंकर मुझे दर पे बुला ले।।

घर छोड़ा जग छोड़ा,

तुझसे ही नाता जोड़ा,

भक्तो की तू पल में सुने,

मुझसे क्यों बाबा मुँह मोड़ा,

बाबा,,मेरी टूटे ना सांसो की तार,

दरबार तू बुला ले,

चरणों में तू बिठा ले,

शिव शंकर मुझे दर पे बुला ले।।

शिव शंकर मुझे दर पे बुला ले,

करना ये जीवन तेरे हवाले,

मुझे दर पे तू बुला ले,

चरणों में तू बिठा ले,

शिव शंकर मुझे दर पे बुला ले।।