भजन

क्षिप्रा के तट भोले नाचे छमाछम उज्जैन नगरी भी बोले बमाबम

क्षिप्रा के तट भोले,

नाचे छमाछम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमाबम,

जय जय तुम्हारी महाकाल भोले।।

तर्ज – साँची कहे तोरे आवन से हमरे।

क्षिप्रा के तट भोले,

नाचे छमाछम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमाबम,

जय जय तुम्हारी महाकाल भोले,

जय जय तुम्हारी महाकाल भोले,

डमरू बजाते घुंगरू बजाते,

तांडव दिखाते महाकाल भोले,

क्षिप्रा के तट भोले,

नाचे छमाछम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमाबम,

जय जय तुम्हारी महाकाल भोले।।

शंकर भी नाचे माँ हरसिद्धि नाचे,

चिन्तामण बाबा गजानन भी नाचे,

नाच रही मैया क्षिप्रा भवानी,

नाच रही मैया क्षिप्रा भवानी,

कल कल है बहती जलधार भोले,

क्षिप्रा के तट भोलें,

नाचे छमाछम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमाबम,

जय जय तुम्हारी महाकाल भोले।।

सारे ही तन भोले भस्मी लगाए,

मुंडो की माला गले में सुहाए,

नाग भी लिपटे है बाबा के काले,

नाग भी लिपटे है बाबा के काले,

अनुपम है रूप तुम्हारा भोले,

शिप्रा के तट भोलें,

नाचे छमाछम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमाबम,

जय जय तुम्हारी महाकाल भोले।।

फैल गई बाबा शिव की जटाए,

लगती है जैसे हो काली घटाए,

गंगा भी माथे पे झूम रही है,

गंगा भी माथे पे झूम रही है,

खुशिया है मन में अपार भोले,

क्षिप्रा के तट भोलें,

नाचे छमाछम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमाबम,

जय जय तुम्हारी महाकाल भोले।।

चलो रे क्षिप्रा के तट पे हम जाए,

भोले के चरणों की धूलि उठाए,

माथे लगा लो ये पावन है माटी,

माथे लगा लो ये पावन है माटी,

कर देंगे बाबा निहाल भोले,

शिप्रा के तट भोले,

नाचे छमाछम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमाबम,

जय जय तुम्हारी महाकाल भोले।।

क्षिप्रा के तट भोले,

नाचे छमाछम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमाबम,

जय जय तुम्हारी महाकाल भोले,

जय जय तुम्हारी महाकाल भोले,

डमरू बजाते घुंगरू बजाते,

तांडव दिखाते महाकाल भोले,

शिप्रा के तट भोले,

नाचे छमाछम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमाबम,

जय जय तुम्हारी महाकाल भोले।।