भजन

नाथ मै तो हार गई घोट के भांग तुम्हारी भजन

नाथ मै तो हार गई,

घोट के भांग तुम्हारी,

हम तो हुए पराए स्वामी,

हम तो हुए पराए स्वामी,

भांग लगे तुम्हे प्यारी,

नाथ मै तो हार गई,

घोट के भांग तुम्हारी।।

हरी हरी भांग की बूटी देखो,

हरी हरी भांग की बूटी देखो,

सौतन बनी हमारी,

जंगल छोड़ के खोए दिए इसने,

बोए बोए मै हारी,

नाथ मैं तो हार गई,

घोट के भांग तुम्हारी।।

चुन चुन लाऊँ भांग तुम्हारी,

चुन चुन लाऊँ भांग तुम्हारी,

घोट दउ फिर सारी,

घोट दउ फिर सारी,

घोटत घोटत घिसो सील बटना,

अब टूटन की बारी,

नाथ मैं तो हार गई,

घोट के भांग तुम्हारी।।

तुम तो हो अलमस्त भांग के,

तुम तो हो अलमस्त भांग के,

मस्ती में भंडारी,

मस्ती में भंडारी,

दिन भर राम नाम चढ़ गाओ,

नंदी की असवारी,

नाथ मैं तो हार गई,

घोट के भांग तुम्हारी।।

नाथ मै तो हार गई,

घोट के भांग तुम्हारी,

हम तो हुए पराए स्वामी,

हम तो हुए पराए स्वामी,

भांग लगे तुम्हे प्यारी,

नाथ मै तो हार गई,

घोट के भांग तुम्हारी।।