भजन

मैं देखो उज्जैन नगरी आया संग कावड़ भी भरकर लाया

मैं देखो उज्जैन नगरी आया,

श्लोक – त्रिदलं त्रिगुणाकारं,

त्रिनॆत्रं च त्रियायुधं,

त्रिजन्म पापसंहारम,

बिल्वंपत्रम शिवार्पणं।

मैं देखो उज्जैन नगरी आया,

संग कावड़ भी भरकर लाया,

भोलेनाथ

भोलेनाथ,

मैं देखों उज्जैन नगरी आया,

संग कावड़ भी भरकर लाया,

ओ बाबा करदो कृपा मुझपे आज,

ओ बाबा करदो कृपा मुझपे आज।।

जब जब सावन आए,

भक्त कावड़ ले आए,

कावड़ का जल चढ़ाएं ओ बाबा,

करदो कृपा महाकाल,

ओ बाबा करदो कृपा महाकाल।।

जब जब ध्यान लगाऊ,

शिव शिव शिव मैं जपते जाऊ,

आपका दर्शन पाऊं ओ शंभू,

आपका ही मैं हो जाऊ,

ओ शंभू आपका ही मैं हो जाऊ।।

मैं देखों उज्जैन नगरी आया,

संग कावड़ भी भरकर लाया,

भोलेनाथ भोलेनाथ,

मैं देखों उज्जैन नगरी आया,

संग कावड़ भी भरकर लाया,

ओ बाबा करदो कृपा मुझपे आज,

ओ बाबा करदो कृपा मुझपे आज।।

गायक / प्रेषक – ऋतुराज महाराज।

7024874463