भजन

क्या वो करेगा लेके चढ़ावा शिव भजन

क्या वो करेगा लेके चढ़ावा,

सब कुछ त्याग के बैठा कहीं,

भक्त नहीं वो भला है ढूंढ़ता,

गुण देखे गुणगान नहीं,

मैं कहता नहीं श्रद्धा है बुरी,

पर कर्म तराजू धर्म वही,

भक्त नहीं वो भला है ढूंढ़ता,

गुण देखे गुणगान नहीं।।