भजन

हमारे भोले बाबा को मना लो जिसका दिल चाहे

हमारे भोले बाबा को,

मना लो जिसका दिल चाहे,

है भोले प्रेम के भूखे,

लुटा लो जिसका दिल चाहे,

हमारे भोलें बाबा को,

मना लो जिसका दिल चाहे।।

तर्ज – पकड़ लो हाथ बनवारी।

माथे पर चंद्रमा सोहे,

गले में सर्पों की माला,

लटों बह रही गंगा,

नहा लो जिसका दिल चाहे,

हमारे भोलें बाबा को,

मना लो जिसका दिल चाहे।।

भोले के अंग भभूति है,

कमर में मृग छाला है,

हाथ में डम डम डमरू है,

बजा लो जिसका दिल चाहे,

हमारे भोलें बाबा को,

मना लो जिसका दिल चाहे।।

भोले की नंदी की सवारी,

बगल में गौरा महतारी,

गोद में गणपति लाला,

खिला लो जिसका दिल चाहे,

हमारे भोलें बाबा को,

मना लो जिसका दिल चाहे।।

हमारे भोले बाबा को,

मना लो जिसका दिल चाहे,

है भोले प्रेम के भूखे,

लुटा लो जिसका दिल चाहे,

हमारे भोलें बाबा को,

मना लो जिसका दिल चाहे।।

Singer – Upasana Mehta

https://youtu.be/ZNKILJafFTw