भजन

गौरा ढूंढ रही किसी ने मेरा भोला देखा भजन

गौरा ढूंढ रही,

किसी ने मेरा भोला देखा,

भोला देखा मेरा भोला देखा,

भोला देखा मेरा भोला देखा,

गौरा ढूँढ रहीं,

किसी ने मेरा भोला देखा।।

तर्ज – राधा ढूंढ रही किसी ने।

गौरा तेरे भोला को काशी में देखा,

काशी में देखा, काशी में देखा,

भांग चबाते हुए,

ओ गौरा तेरे भोला को देखा,

गौरा ढूँढ रहीं,

किसी ने मेरा भोला देखा।।

गौरा तेरे भोला को हरिद्वार में देखा,

हरिद्वार में देखा, हरिद्वार में देखा,

गंगा बहाते हुए,

ओ गौरा तेरे भोला को देखा,

गौरा ढूँढ रहीं,

किसी ने मेरा भोला देखा।।

गौरा तेरे भोला को प्रयाग में देखा,

प्रयाग में देखा, प्रयाग में देखा,

डमरू बजाते हुए,

ओ गौरा तेरे भोला को देखा,

गौरा ढूँढ रहीं,

किसी ने मेरा भोला देखा।।

गौरा तेरे भोला को कैलाश में देखा,

कैलाश में देखा, कैलाश में देखा,

समाधी में लीन हुए,

ओ गौरा तेरे भोला को देखा,

गौरा ढूँढ रहीं,

किसी ने मेरा भोला देखा।।

गौरा ढूंढ रही,

किसी ने मेरा भोला देखा,

भोला देखा मेरा भोला देखा,

भोला देखा मेरा भोला देखा,

गौरा ढूँढ रहीं,

किसी ने मेरा भोला देखा।।