भजन

धीरे धीरे चल रे कांवड़िया

धीरे धीरे चल रे कांवड़िया,

धीरे धीरे चल रे कावड़ियाँ,

काँटा न चुभ जाए,

पत्थर न लग जाए,

ऊँची-नीची है डगरिया,

धीरे धीरे चल रे कावड़ियाँ,

धीरे धीरे चल रे कावड़ियाँ।।

भोले की भक्ति में मन को रमा ले,

ध्यान उनके चरणों में अपना लगा ले,

भोले की भक्ति में मन को रमा ले,

ध्यान उनके चरणों में अपना लगा ले,

हर लेंगे सारी विपतिया,

अरे हर लेंगे सारी विपतिया,

धीरे धीरे चल रे कावड़ियाँ,

धीरे धीरे चल रे कावड़ियाँ।।

गरज रहे बदरा और चमके बिजुरिया,

कूक रही कोयल और बोले दादूरिया,

गरज रहे बदरा और चमके बिजुरिया,

कूक रही कोयल और बोले दादूरिया,

सावन की बरसे बदरिया,

अरे सावन की बरसे बदरिया,

धीरे धीरे चल रे कावड़ियाँ,

धीरे धीरे चल रे कावड़ियाँ।।

कांवड़ में गंगा से जल भरके लाये,

बैद्यनाथ काशी में शिव को चढ़ाये,

कांवड़ में गंगा से जल भरके लाये,

बैद्यनाथ काशी में शिव को चढ़ाये,

बाज रही डम डम डमुरिया,

अरे बाज रही डम डम डमुरिया,

धीरे धीरे चल रे कावड़ियाँ,

धीरे धीरे चल रे कावड़ियाँ।।

भीड़ लगी भक्तों की शम्भू के द्वारे,

भोले की भक्ति में गूंजे जयकारे,

भीड़ लगी भक्तों की शम्भू के द्वारे,

भोले की भक्ति में गूंजे जयकारे,

करदो कृपा की नज़रिया,

भोले करदो कृपा की नज़रिया,

धीरे धीरे चल रे कावड़ियाँ,

धीरे धीरे चल रे कावड़ियाँ।।

धीरे धीरे चल रे कांवड़िया,

धीरे धीरे चल रे कावड़ियाँ,

काँटा न चुभ जाए,

पत्थर न लग जाए,

ऊँची-नीची है डगरिया,

धीरे धीरे चल रे कावड़ियाँ,

धीरे धीरे चल रे कावड़ियाँ।।