भजन

बिगड़ी मेरी बना दे महाकाल डमरू वाले

बिगड़ी मेरी बना दे महाकाल,

दोहा – सदा पापी से भी पापी को तुम,

महादेव तारे हो,

फंसी मजधार में नैया को भी,

पल में उबारो हो,

ना जाने कौन ऐसी भूल,

मुझसे हो गई भोले,

तुम अपने इस बालक को,

मन से बिसारे हो।

बिगड़ी मेरी बना दे,

महाकाल डमरू वाले,

संकट मेरे मिटा दे,

महाकाल डमरू वाले,

अपना मुझे बना ले,

महाकाल डमरू वाले।।

तर्ज – बिगड़ी मेरी बना दे।

मन में बसी है तेरी,

भोले छवि निराली,

मन में बसी है तेरी,

भोले छवि निराली,

माथे पे चंद्र शोभे,

केशों में गंग धारे,

अपना मुझे बना ले,

महाकाल डमरू वाले।।

तेरे बिना ये जीवन,

सुना सा लग रहा है,

तेरी कृपा का बादल,

क्यों ना बरस रहा है,

चरणों में तू बिठा ले,

महाकाल डमरू वाले,

अपना मुझे बना ले,

महाकाल डमरू वाले।।

दुनिया ने जब रुलाया,

तूने ही है हंसाया,

डूबी हुई ये नैया,

तूने संभाल ली है,

भव से मुझे बचा ले,

महाकाल डमरू वाले,

अपना मुझे बना ले,

महाकाल डमरू वाले।।

उज्जैन की गली में,

मेरा दिल ये खो रहा है,

महाकाल के चरण में,

सर मेरा झुक रहा है,

दर्शन मुझे करा दे,

महाकाल डमरू वाले,

अपना मुझे बना ले,

महाकाल डमरू वाले।।

बिगडी मेरी बना दे महाकाल,

डमरू वाले,

संकट मेरे मिटा दे,

महाकाल डमरू वाले,

अपना मुझे बनाले,

महाकाल डमरू वाले।।