भजन

भोले शंकर की शरण में आ शिव भजन

भोले शंकर की शरण में आ,

जीवन तेरा

ये संवर जायेगा,

भव सागर में जो अटकेगा,

वो बेडा पार उतर जायेगा।।

तर्ज – गोरे रंग पे ना इतना।

नाम मेरे शम्भू का,

इंसान जो एक बार लेता है,

वो है भोला भाला,

बदले में मुँह माँगा वर देता है,

उनकी दया जो हो जाये,

उनकी दया जो हो जाये,

तेरा घर खुशियो से भर जायेगा,

भोलेशंकर की शरण मे आ,

जीवन तेरा ये संवर जायेगा।।

नाथ है नाथो का,

कैसा अनोखा रूप धारा है,

हाथ में भोले के,

जीवन मरण का खेल सारा है,

ध्यान लगा ले चरणों में,

बस ध्यान लगा ले चरणों में,

बाबा तुझ पर किरपा कर जायेगा,

भोलेशंकर की शरण मे आ,

जीवन तेरा ये संवर जायेगा।।

द्वार पर भोले के,

आके जरा एकबार अजमा ले,

मांगना फिर क्या है,

‘लख्खा’ फिर तू चाहे सो पाले,

ऐसे दयालु है भोले,

अरे ऐसे दयालु है भोले,

सब दुखड़े ‘सरल’ तेरे हर जायेगा,

भोलेशंकर की शरण मे आ,

जीवन तेरा ये संवर जायेगा।।

भोले शंकर की शरण में आ,

जीवन तेरा ये संवर जायेगा,

भव सागर में जो अटकेगा,

वो बेडा पार उतर जायेगा।।