भजन

बाबा भोले नाथ मेरी नैया को उबारो ना भजन

बाबा भोले नाथ,

मेरी नैया को उबारो ना,

बाबा भोलेनाथ,

मेरे

केवटिया बन जाओ ना,

बाबा भोलें नाथ,

मेरी नैया को उबारो ना।।

तर्ज – एक तेरा साथ।

तन पे लगाये भस्म,

अंग छाल सोहे है,

सर्पों की माला है,

धारे जो सिर पे गंग,

माथे पे प्यारा चन्द्र,

ये डमरू वाला है,

विष पीकर भोले ने,

विष पीकर भोले ने,

सब देवों का मान बढ़ाया है,

भक्तों का काम बनाया है,

बाबा भोलें नाथ,

मेरी नैया को उबारो ना।।

जग का सहारा तू,

गौरा का प्यारा तू,

खाली ना लौटाना,

विश्वास पूरा है,

कर देगा मेरा काम,

जो दिल में सोचा है,

बालक तेरा आज,

बालक तेरा आज,

विष के सागर से पुकारे,

यो रो रो नीर बहावे हैं,

बाबा भोलें नाथ,

मेरी नैया को उबारो ना।।

गरजी ने भोलेनाथ,

अरजी लगा दी है,

मरजी अब तेरी है,

उद्धार कर देना,

तुम माफ कर देना,

खता जो मेरी है,

शिव शंकर भोलेनाथ,

शिव शंकर भोलेनाथ,

शरणे ‘दास’ तेरे आया है,

बाबा की सिफारिश लाया हैं,

बाबा भोलें नाथ,

मेरी नैया को उबारो ना।।

बाबा भोले नाथ,

मेरी नैया को उबारो ना,

बाबा भोलेनाथ,

मेरे केवटिया बन जाओ ना,

बाबा भोलें नाथ,

मेरी नैया को उबारो ना।।

गायक / प्रेषक – मनीष अनेजा।