भजन

आई में तेरे द्वारे भोले दानी भजन

आई में तेरे द्वारे भोले दानी,

पड़ी है संकट में,

पड़ी है संकट में जिंदगानी,

आई में तेरे द्वारे भोले दानी।।

तर्ज – भटकता डोले काहे प्राणी।

जटा से तेरे निकली गंगा मैय्या,

जटा से तेरे निकली गंगा मैय्या,

जो सब नदियों में,

जो सब नदियों में है महारानी,

आई में तेरे द्वारे भोले दानी।।

माथे पे तेरे चंदा चमचम चमके,

माथे पे तेरे चंदा चमचम चमके,

हाथो में डमरू की,

हाथो में डमरू की है निशानी,

आई में तेरे द्वारे भोले दानी।।

सुना है भक्तो की सुनते हो तुम,

सुना है भक्तो की सुनते हो तुम,

दया हो मुझ पर भी,

दया हो मुझ पर भी औघड़दानी,

आई में तेरे द्वारे भोले दानी।।

जलाया भस्मा को कैसे कैसे,

जलाया भस्मा को कैसे कैसे,

अमर उसकी है,

अमर उसकी है ये कहानी,

आई में तेरे द्वारे भोले दानी।।

खड़ी हूँ तेरे द्वारे हाथ जोड़े,

खड़ी हूँ तेरे द्वारे हाथ जोड़े,

दर्श मुझे दे दो,

दर्श मुझे दे दो शम्भू सानी,

आई में तेरे द्वारे भोले दानी।।

आई में तेरे द्वारे भोले दानी,

पड़ी है संकट में,

पड़ी है संकट में जिंदगानी,

आई में तेरे द्वारे भोले दानी।।

Singer : Tripti Shakya