भजन

आजा कलयुग में लेके अवतार ओ भोले भजन

आजा कलयुग में लेके,

अवतार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले।।

तर्ज – आजा कलयुग में लेके।

दुनिया बनाने वाले,

कर दुनिया का ख्याल रे,

तेरे संसार का हुआ है,

बुरा हाल रे,

भाई को भाई रहा मार ओ भोले,

भाई को भाई रहा मार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले।।

हाल कभी पूछ आके,

भोले तू गरीब का,

लिख्या सब ते न्यारा,

भाग क्या ते बदनसीब का,

रोटी देदे भूखा तो मत मार ओ भोले,

रोटी देदे भूखा तो मत मार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले।।

पापियों के पाप धो धो,

गंगा मैली हो गई,

पापों से लड़ेगी कब तक,

ये पहेली हो गई,

तेरे बिना होगा ना उद्धार ओ भोले,

तेरे बिना होगा ना उद्धार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले।।

आजा कलयुग में लेके,

अवतार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले।।