भजन

ये उत्सव बजरंग बाले का वाह रे बजरंगी क्या कहना भजन

ये उत्सव बजरंग बाले का,

ये लाल लंगोटे वाले का,

वाह रे बजरंगी क्या कहना,

ऐ राम भक्त तेरा क्या कहना।।

वो लांघ समुन्दर पार गया,

रावण की लंका जार गया,

लंका को जलाना क्या कहना,

रावण को डराना क्या कहना।।

संजीवन बूटी लाने को,

लक्ष्मण के प्राण बचाने को,

पर्वत को उठाना क्या कहना,

लक्ष्मण को जिलाना क्या कहना।।

श्री राम प्रभु को प्यारा है,

अहिरावण को जा मारा है,

ये राम दीवाना क्या कहना,

कहता है जमाना क्या कहना।।

ये उत्सव बजरंग बाले का,

ये लाल लंगोटे वाले का,

वाह रे बजरंगी क्या कहना,

ऐ राम भक्त तेरा क्या कहना।।

Verse 1

Ye utsav Bajrang Bale ka, Ye Lal Langote wale ka, Wah re Bajrangi kya kehna, Ae Ram bhakt tera kya kehna.

Verse 2

Vo laangh samundar paar gaya, Ravan ki Lanka jaar gaya, Lanka ko jalana kya kehna, Ravan ko darana kya kehna.

Verse 3

Sanjeevan booti laane ko, Lakshman ke praan bachaane ko, Parvat ko uthana kya kehna, Lakshman ko jilana kya kehna.

Verse 4

Shri Ram Prabhu ko pyara hai, Ahiravan ko ja mara hai, Ye Ram deewana kya kehna, Kehta hai zamana kya kehna.

Verse 5

Ye utsav Bajrang Bale ka, Ye Lal Langote wale ka, Wah re Bajrangi kya kehna, Ae Ram bhakt tera kya kehna.